SBI ने ग्राहकों को किया अलर्ट , पैन नंबर और IT रिटर्न की जानकारी दिए बिना सालाना 20 लाख रुपए से ज्यादा नकद निकासी पर देना होगा टैक्स

  • बैंक ने इस टैक्स से बचने के उपाय भी बताए हैं
  • बैंक ने इस बारे में सोशल मीडिया पर ट्वीट करके जानकारी दी है

दैनिक भास्कर

Jul 05, 2020, 10:58 AM IST

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने बैंक अकाउंट होल्डर्स को कहा है कि अगर वो एक साल में 20 लाख रुपए से ज्यादा की नकद निकासी करते हैं, तो उनको टैक्स (टीडीएस) देना पड़ेगा। हालांकि बैंक ने इस टैक्स से बचने के उपाय भी बताए हैं। बैंक ने इस बारे में सोशल मीडिया पर ट्वीट करके जानकारी दी है। पिछले 3 सालों से सेक्शन 194एन के तहत 20 लाख रुपए से ज्यादा की नकद निकासी पर टीडीएस कट रहा है।

आपको क्या करना चाहिए?
इसके लिए सबसे पहले तो आपको बैंक में अपने पैन कार्ड की डिटेल्स जमा करनी होगी। अगर आपने पहले से ही पैन कार्ड डिटेल्स दी है तो दोबार इसे जमा करने की जरूरत नहीं है। बैंक को अपना इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेल्स देनी होगी। ऐसा करने पर आप 20 लाख रुपए से ज्यादा रकम की निकासी पर टीडीएस बचा सकते हैं।

आयकर रिटर्न न भरने पर देना होगा टीडीएस
अगर आपने पिछले 3 साल में एक बार भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो 1 जुलाई 2020 से 20 लाख से ज्यादा निकासी पर टैक्स देना होगा। इसके तहत 20 लाख रुपए तक नकद निकासी पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा। 20 लाख से अधिक और 1 करोड़ रुपए से कम की नकद निकासी पर 2 फीसदी ब्याज लगेगा (अगर पैन कार्ड होगा)। वहीं अगर पैन कार्ड न होने की दशा में 20 फीसदी टैक्स लगेगा। एक करोड़ रुपए से अधिक की नकद निकासी पर पैन कार्ड होने पर 5 फीसदी टीडीएस कटेगा। वहीं पैन कार्ड न होने पर 20 फीसदी टीडीएस कटेगा।

क्या है TDS?
अगर किसी की कोई आय होती है तो उस आय से टैक्स काटकर अगर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं। सरकार टीडीएस के जरिए टैक्स जुटाती है। यह अलग-अलग तरह के आय स्रोतों पर काटा जाता है जैसे सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि पर। कोई भी संस्थान (जो टीडीएस के दायरे में आता है) जो भुगतान कर रहा है, वह एक निश्चित रकम टीडीएस के रूप में काटता है।

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