People are resorting to technology for the health of the elderly, with the help of apps and portals, they take the health updates of the elderly parents

People are resorting to technology for the health of the elderly, with the help of apps and portals, they take the health updates of the elderly parents | कोरोना टाइम में टेक्नोलॉजी की मदद से अकेलापन दूर कर रहे बुजुर्ग, दूर रह रहे बच्चे भी ऐप्स के जरिए मां-बाप के स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे

  • परिवार वायरस फैलने के डर से दूर रहने वाले बुजुर्गों के लिए हेल्थ मॉनिटर करने वाली डिवाइस खरीद रहे
  • ऐप्स और डिवाइस कोई भी गड़बड़ होने पर परिवार के सदस्य को अलर्ट भेजते हैं, डॉक्टर्स भी ले रहे मदद
  • वॉइस असिस्टेंट बुजुर्गों में सोशल आइसोलेशन कम करते हैं और हेल्दी बिहेवियर को बढ़ावा देते हैं

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 02:58 PM IST

सुजैन बी गार्लेंड. कोरोनावायरस का बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है। उन्हें सीवियर कैटेगरी में रखा गया है। इसी डर के चलते हम सब भी अपने सगे-संबंधी बुजुर्गों की सेहत को लेकर ज्यादा चिंतित हो गए हैं। खासकर, ऐसे लोग जो बुजुर्गों से काफी दूर रहते हैं। ऐसे ही एक शख्स नॉर्मन पॉटर हैं, जिनकी मां डोरोथी उनसे दो घंटे की दूरी पर रहती हैं। मार्च महीने में जब अमेरिका में कोरोना तेजी से फैलना शुरू हुआ, नॉर्मन ने अपनी 90 साल की मां के मोबाइल में एक ऐप इन्सटॉल करवाया। नॉर्मन इसके जरिए मां के स्वास्थ्य का ख्याल कर पाते हैं।

नॉर्मन कहते हैं कि मां को सांस की परेशानी है। इसके कारण वे और उनकी बहन मां के पास तब तक नहीं जाना चाहते, जब तक दोनों कोरोना का टेस्ट नहीं करा लेंगे। हालांकि, दोनों नजदीक रहकर मां की देखरेख कर रहे हैं। नॉर्मन कहते हैं कि इस मॉनिटरिंग से मुझे शांति मिलती है कि मां उठ चुकी हैं और अपना दिन शुरू कर रही हैं। 

पोर्टल के जरिए देखते हैं मां की जांच के रिजल्ट
हर सुबह मिसेज पोर्टर ब्लूटूथ पल्स ऑक्सीमीटर में अपनी उंगली लगाती हैं, जो उनके खून में ऑक्सीजन का स्तर नापता है। इसके अलावा भी वे कई अन्य जांचें करती हैं। वहीं, नॉर्मन मां की जांच के रिजल्ट एक पोर्टल में लॉग इन करके देख लेते हैं। कोई भी गड़बड़ मिलने पर उनके पास एक टेक्स्ट मैसेज आ जाता है। इसके अलावा अगर तय वक्त में मिसेज पोर्टर की हरकत नजर नहीं आती तो डिवाइस में लगा मोशन सेंसर उन्हें नोटिफिकेशन भेज देता है।

बुजुर्गों के लिए तकनीक की मदद ले रहे हैं लोग
एजिंग एंड हेल्थ टेक्नोलॉजी वॉच की फाउंडर लॉरी ऑरलोव बताती हैं कि अब जब बुजुर्गों को कोविड 19 से ज्यादा खतरा है, तो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित प्रोडक्ट्स, सर्विसेज की सेल तेजी से बढ़ रही है। लॉरी कहती हैं कि परिवार वायरस फैलने के डर से दूर रहने वाले बुजुर्गों के लिए हेल्थ मॉनिटर करने वाली डिवाइस खरीद रहे हैं। तकनीक हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स की भी मरीजों की जांच में मदद कर रही है। लोग घर छोड़ने के डर से डॉक्टर के पास नहीं जा रहे हैं। 

परेशानी सुलझाने वाली ऐप्स पर ज्यादा फोकस 

  • लॉरी कहती हैं कि बुजुर्ग और केयरटेक्स ऐप्स, गैजेट्स और सर्विसेज को चुनने के बजाए अपनी परेशानी सुलझाने वाली चीजों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी बुजुर्ग को दवाई मैनेज करने में परेशानी हो रही है तो उनके लिए मेडिकेशन रिमाइंडर उपयोगी है। यह स्मार्टफोन के अलार्म सेट करने वाले ऐप की तरह आसान हो सकता है। 
  • वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एजिंग के डायरेक्टर डेविड लिंडमैन के मुताबिक कुछ लोग डिवाइस के प्रकार का ध्यान रख रहे हैं। ग्राहक को चाहिए कि यह प्रोडक्ट का उपयोग और इंस्टॉल कैसे होगा। यह पक्का कर लें कि आपके इसके लिए ट्रेनिंग और सपोर्ट लें। इसमें आप परिवार के सदस्य की या टेक्नोलॉजी हेल्प सर्विस की मदद ले सकते हैं।

परिवार के लोग इमरजेंसी मॉनिटर कर सकते हैं

  • ग्रेट कॉल के चीफ एग्जीक्यूटिव डेविड इन्स कहते हैं कि मेडिकल अलर्ट एक बेसिक एजिंग इन प्लेस डिवाइस है, जो पहले केवल घरों में ही काम करती थीं। लेकिन टेक्नोलॉजी के विकास ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स को नई मुकाम पर पहुंचा दिया है।
  • इन्स कहते हैं कि नए प्रोडक्ट्स आमतौर पर चलने-फिरने में परेशानी महसूस कर रहे व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने के लिए जीपीएस का उपयोग करते हैं। इमरजेंसी बटन दबाने के बाद यूजर कॉल सेंटर या केयरटेकर से बात कर सकता है। ग्रेट कॉल का 5 स्टार इमरजेंसी सेंटर यह तय करता है कि एंबुलेंस भेजनी है या नहीं।
  • वाइटल टेक नाम की कंपनी ने एक अलर्ट वॉच वाइटल बैंड तैयार किया है। यह घड़ी अपने आप हार्ट और रेस्पिरेशन रेट के साथ परेशानी डिटेक्ट कर लेती है। अगर हार्ट रेट तय लेवल से ज्यादा होता है, यह परिवार के सदस्य को अलर्ट भेज देती है।
  • वाइटल टेक कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव जेम्स हैमिल्टन ने कहते हैं कि हमारा मकसद बुजुर्गों को सुरक्षा के साथ एक्सरसाइज और दूसरे जरूरी कामों को आत्मविश्वास से करने का आश्वासन देना है। 

तकनीक बुजुर्गों को करीबियों से जोड़ रही है

  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुजुर्गों के घर में ज्यादा वक्त तक रहने और हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के काम करने का समय कम होने के बाद यह टेली हेल्थ टेक्नोलॉजी जरूरी हो गई हैं। आसान डिजाइन के साथ तैयार की गई टैबलेट्स बुजुर्गों को अपने डॉक्टर और करीबियों के साथ जुड़ने का मौका दे रही हैं।
  • डॉक्टर लिंडमैन के अनुसार वाइटल साइन टेक्नोलॉजी ने क्लीनीशियन्स के संकट के पहले ही कुछ देखने का मौका दिया है। इसके अलावा इसने बुजुर्गों को भी अपनी जिम्मेदारी खुद उठाने की क्षमता दी है।

वॉइस असिस्टेंट सोशल आइसोलेशन कम कर रहे

  • एक्सपर्ट्स बताते हैं कि घर पर रह रहे कई बुजुर्गों के लिए अमेजन ईको और गूगल होम जैसे वॉइस असिस्टेंट सोशल आइसोलेशन कम करते हैं और हेल्दी बिहेवियर को बढ़ावा देते हैं। बुजुर्ग अपनी आवाज के जरिए डिवाइस को दोस्त को फोन लगाने जैसे आदेश दे सकते हैं।
  • फ्रंट पोर्च सेंटर फॉर इनोवेशन एंड वेलबींग के वाइस प्रेसिडेंट डेविस पार्क बताते हैं कि यह आवाज से होने वाले काम यूं तो काफी छोटे हैं, लेकिन यह चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों के लिए काफी सार्थक हैं। 
  • पार्क कहते हैं कि वॉइस असिस्टेट टेक्नोलॉजी की खास बात है कि यह आपके अकेलेपन को दूर करती है। बुजुर्गों के लिए सोशल आइसोलेशन बहुत बुरा होता है, इसलिए जब तक सुरक्षित रहने के लिए घर में रहाना जरूरी है, हमें उन्हें यह टूल्स संपर्क में रहने के लिए मुहैया कराने होंगे।

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