Kaise kare News In Hindi : railway; indian railways; More than 3 thousand trains canceled due to maintenance work in 2019 | 2019 में मेंटेनेंस के कारण कैंसिल हुईं 3 हजार से ज्यादा ट्रेनें, 2014 के मुकाबले 30 गुना ज्यादा

Kaise kare News In Hindi : railway; indian railways; More than 3 thousand trains canceled due to maintenance work in 2019 | 2019 में मेंटेनेंस के कारण कैंसिल हुईं 3 हजार से ज्यादा ट्रेनें, 2014 के मुकाबले 30 गुना ज्यादा

  • सूचना का अधिकार के तहत रेलवे ने ये जानकारी दी है
  • 2018 में 2867 ट्रेनों को कैंसिल किया गया

दैनिक भास्कर

Feb 18, 2020, 01:50 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. पिछले साल 2019 में मेंटेनेंस वर्क के कारण 3146 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। ये आंकडा 2014 के बाद से बहुत तेजी से बढ़ा है। रेलवे ने यह जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जवाब में दी है। आरटीआई के जवाब में रेलवे ने बताया कि साल 2014 में मेंटेनेंस वर्क (रखरखाव कार्य) के कारण 101 ट्रेनें कैंसिल हुईं, जबकि 2017 में 829 और 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 2867 हो गई। मध्यप्रदेश निवासी चंद्रशेखर गौर ने आरटीआई कानून के तहत रेलवे से ट्रेनों के कैंसिल किए जाने से संबंधित जानकारियां मांगी थीं।

परियोजनाओं के कारण बढ़ी कैंसिल ट्रेनों की संख्या
रेलवे के अनुसार 2019 में रेलवे के 58 सुपर क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स में सात को पूरा किया गया। इनमें से एक परियोजना वर्ष 2018 में ही पूरी हो चुकी है। बाकी 50 परियोजनाओं को मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है। इस कारण ही ट्रेनों के कैंसल होने की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने अपने नेटवर्क के विद्युतीकरण का काम साल 2023 तक व डबल रेलवे लाइन का काम 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

2020-21 में पटरियां बिछाने के लिए 12 हजार करोड़ रुपए होंगे खर्च
रेलवे का आधुनिकीकरण हो रहा है, इसके लिए सरकार ने साल 2020-21 में नई पटरियां बिछाने के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। ट्रैकों के नवीकरण पर चालू वित्त वर्ष में 8,461 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जिसे अगले वित्त वर्ष के लिए बढ़ाकर 10,599 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

ट्रेनों के पटरी से उतरने के कारण हो रहे ट्रेन हादसे
रेलवे के अनुसार पटरियों का रखरखाव सही से न होने से ज्यादातर ट्रेन हादसे होते हैं। आंकडों के अनुसार पिछले पांच सालों में 50 फीसदी दुर्घटनाएं ट्रेनों के पटरी से उतरने के कारण हुई हैं।

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