Gold ; Sovereign Gold Bond ; Investment In Gold ; Want to invest in gold; So Sovereign Gold Bonds will be the right option, you will be able to buy bonds from August 3 | सोने में निवेश करने का बना रहे हैं प्लान, तो 3 अगस्त से सॉवरेन गोल्ड बांड में लगा सकते हैं पैसा

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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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सोने ने बीते 1 साल में 37 फीसदी का रिटर्न दिया है

  • इस बार प्रति ग्राम सोने की कीमत 5334 रुपए तय की गई है
  • सॉवरेन गोल्ड बांड एक सरकारी बांड होता है
  • इसे डीमैट रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है

वित्त वर्ष 2020-21 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पांचवी सीरीज सोमवार से निवेश के लिए खुलेगी। इसमें 3 से 7 अगस्त तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया जा सकेगा। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 5334 रुपए तय की गई है। जो लोग इनके लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा।

RBI जारी कर रहा ये बॉन्ड
RBI ये बॉन्ड भारत सरकार की तरफ से जारी कर रहा है। RBI के अनुसार ‘‘बॉन्ड की कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के लिए पिछले 3 वर्किंग डेज में साधारण औसत बंद भाव (इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिशन द्वारा प्रकाशित) मूल्य पर आधारित है। इससे पहले 6 से 10 जुलाई के बीच यानी तीसरी सीरीज में सब्सक्रिप्शन के लिए खुला बॉन्ड का इश्यू प्राइस 4,852 रुपए प्रति ग्राम था।

ऑनलाइन आवेदन और भुगतान पर 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट
सॉवरेन गोल्ड बांड के लिए ऑनलाइन आवेदन और भुगतान करने पर प्रति ग्राम सोने पर 50 रुपए की छूट पेश की गई है। यानी निवेश करते समय ही निवेशक को 50 रुपए का लाभ हो जाता है।

इश्यू प्राइस पर 2.50 फीसदी ब्याज मिलता है
सॉवरेन गोल्ड बांड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपने खाते में पहुंच जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता। एनएसई के वेबइसाट पर दी गई जानकारी के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश का एक फायदा यह भी है कि 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसके साथ ही हर छह महीने पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टीडीएस भी नहीं लगता।

1 ग्राम से 4 किलो तक खरीद सकते हैं सोना
कोई शख्स एक वित्त वर्ष में मिनिमम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि किसी ट्र्स्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है। कोई भी व्यक्ति एक फिस्कल ईयर में 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। एनएसई के मुताबिक लोन लेने के दौरान कॉलैटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड बांड का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये बांड एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं।

जीएसटी या मेकिंग शुल्क नहीं
फिजिकल गोल्ड खरीदने पर आप सोने की कीमत तो चुकाते ही हैं, आप मेकिंग चार्ज भी चुकाते हैं। आप सोने की कीमत पर तीन फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी भी चुकाते हैं। इससे सोने की कीमत काफी बढ़ जाती है। सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। यह चूंकि बांड है इसलिए इस पर कोई मेकिंग चार्ज भी नहीं लगता।

शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं
जब आप सोने की सिल्ली या सोने का आभूषण खरीदते हैं, तो आपको उसकी शुद्धता को लेकर संदेह हो सकता है। साथ ही उसे रखना भी सुरक्षित नहीं होता है। लेकिन सॉवरेन गोल्ड बांड में शुद्धता की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुताबिक गोल्ड बांड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीरेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।

6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड होने हैं जारी
सरकार ने 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करने का फैसला किया था। 4 बार जारी हो चुके हैं जबकि पांचवी बार 3 से 7 अगस्त के बीच जारी होना है। अप्रैल में सबसे पहले सरकार ने 20 से 24 अप्रैल के बीच पहली सीरीज लॉन्च की थी। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,639 रुपए तय की गई थी।

सोने ने एक साल में दिया 37 फीसदी का रिटर्न
कोरोना महामारी के कारण निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है। इस बीच सोने की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हमेशा देखा गया है कि जब भी शेयर बाजार में नुकसान की आशंका हो, डॉलर की तुलना में अन्य मुद्रा कमजोर पड़ने की नौबत हो तो सोने के भाव में उछाल देखा जाता है। पिछले एक साल में ही सोने की कीमतों में करीब 37 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। 1 अगस्त 2019 को सोने की कीमत 38500 रुपए के करीब थी जो अब 53 हजार रु. प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोरोना लम्बे समय तक चलता है और इसके कारण बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है तो इसकी कीमत और बढ़ेगी।

क्या है सॉवरेन गोल्ड बांड?
सॉवरेन गोल्ड बांड एक सरकारी बांड होता है। इसे डीमैट रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है। यदि बांड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बांड की कीमत होगी। इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बांड को भुनाते वक्त पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है। यह बांड भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार की ओर से जारी करता है।

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