आर्बिट्राज दो या दो से अधिक बाजारों बीच के कीमतों के असंतुलन का लाभ उठाने की प्रकिया है

Consumer News In Hindi : Mutual Fund ; Investment ; Coronavirus ; An arbitrage fund is an effective way to earn profits amid market fluctuations, reduces risk and gives profits | बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच मुनाफा कमाने का कारगर तरीका है आर्बिट्रेज फंड, रिस्क को कम करके दिलाता है मुनाफा

  • यह म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की कैटेगरी में आता है
  • शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के दौर में आर्बिट्राज फंड का प्रदर्शन बेहतर रहता है

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 02:46 PM IST

नई दिल्ली. शेयर बाजार और ब्याज दर परिस्थितियों को देखते हुए अभी आर्बिट्राज फंड में निवेश से ज्यादा लाभ कमाया जा सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाते हुए निवेशकों को लाभ उपलब्ध कराने की नीति आर्बिट्राज फंडों की होती है। आर्बिट्राज फंड बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को बेहतर लाभ दे सकते हैं। आपको आर्बिट्राज फंड के बारे में बता रहे हैं।

क्या है आर्बिट्राज फंड? 
यह म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की कैटेगरी में आता है। हालांकि, इसमें फंड का 65 फीसदी हिस्सा ही शेयरों में लगाया जाता है। यह कैश मार्केट और डेरिवेटिव मार्केट में शेयरों के भाव में अंतर का फायदा उठाने के लिए अपने फंड का इस्तेमाल करता है। यह वजह है कि शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के दौर में इस फंड का प्रदर्शन बेहतर रहता है।

कैसे काम करते हैं आर्बिट्राज फंड?
आर्बिट्राज एक तकनीकी प्रक्रिया है। आर्बिट्राज दो या दो से अधिक बाजारों बीच के कीमतों के असंतुलन का लाभ उठाने की प्रकिया है। एक बाजार से परिसंपत्तियों की खरीद करते हुए लाभ कमाने के नजरिये से उसे दूसरे बाजार में बेचा जाता है, यही आर्बिट्राज की खासियत है। इसमें जोखिम भी अपेक्षाकृत कम होता है क्योंकि हाजिर बाजार में जहां लॉन्ग पोजीशन लिया जाता है वहीं डेरिवेटिव बाजार में शॉर्ट पोजीशन के जरिए उसकी भरपाई की जाती है।

इसे एक उदाहरण समझें : मान लीजिए किसी कंपनी के एक शेयर की कीमत कैश बाजार में 1,000 रुपए है और फ्यूचर मार्केट में 1,500 रुपए है। इसलिए अगर कोई निवेशक इस शेयर को कैश मार्केट में खरीदकर फ्यूचर मार्केट में बेच दे तो उसे 500 रुपए का मुनाफा होगा। इस तरह आर्बिट्राज फंड कैश इक्विटी मार्केट और फ्यूचर इक्विटी मार्केट में कीमतों के बीच अंतर का फायदा उठाता है।

मिलता है बेहतर रिटर्न
वैभव शाह, हेड (प्रोडक्ट, मार्केटिंग व कम्युमिकेशन, मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया प्रा. लिमिटेड) कहते हैं कि कोविड-19 महामारी के चलते पिछले कुछ महीनों से भारतीय इक्विटी बाजार काफी उतार-चढ़ाव भरा है। लॉकडाउन के पिछले साल से अबतक निफ्टी 50 में 24% गिरावट देखी गई है। जिसमें मार्च में केवल 23% की गिरावट रही है। हालांकि अप्रैल में 14% का उछाल भी देखा गया है। (स्रोत: ब्लूमबर्ग, 15 मई 2020). बाजार के हालात को देखते हुए करीब करीब सभी म्युचुअल फंड कैटगरी लाल निशान में है। केवल आर्बिट्रेज फंड को छोड़कर। जनवरी से मई के बीच निफ्टी 50 में जहां 24.51% की गिरावट आई है वहीं आर्बिट्रेज फंड में 2.01% का उछाल आया है।

सजग निवेशकों के लिए है आर्बिट्राज फंड
एक रिटेल निवेशक को आर्बिट्राज फंडों से दूर ही रहना चाहिए। इनमें जोखिम नहीं होता लेकिन जरूरी नहीं कि बाजार में हमेशा ही आर्बिट्राज के मौके हों जिनसे फंड को लाभ हो। अगर निवेशक आर्बिट्राज के मौकों को पहचान सकता है तो आर्बिट्राज फंडों में कुछ समय के लिए निवेश कर लाभ अर्जित कर सकते हैं।

कब करें आर्बिट्राज फंडों में निवेश? 
जब बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा हो तो अल्पावधि (शार्टटर्म) के लिए आर्बिट्राज फंडों में निवेशक अपने निवेश पोर्टफोलियो के एक छोटे हिस्से का निवेश कर सकते हैं। हालांकि, जब बाजार एक ही दिशा में चल रहा हो तो आर्बिट्राज के अवसर कम होते हैं और ऐसे में रिटर्न प्रभावित होता है।

मिराए एसेट ने आर्बिट्रेज फंड लांच करने की घोषणा की
फंड हाउस मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया ने मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड लांच करने की घोषणा की है। यह एक ओपेन इंडेड स्कीम होगा, आर्बिट्रेज फंड में निवेश करने का मौका मिलेगा। कंपनी का ऑफर सबस्क्रिप्शन के लिए 3 जून 2020 को खुलेगा औऱ 12 जून 2020 को बंद होगा। इसके तहत आर्बिट्रेज फंड में निवेश का मौका मिलेगा। जिसमें लंबी अवधि में कैश और छोटी अवधि में फ्यूचर में निवेश किया जा सकेगा। इस स्कीम में शुरुआती निवेश 5000 का होगा।

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